Rojana Hukamnama (HINDI) Gurudwara Moti Bagh Sahib Delhi – 9-12-25

सोरठि महला ४ ॥
आपे कंडा आपि तराजी प्रभि आपे तोलि तोलाइआ ॥ आपे साहु आपे वणजारा आपे वणजु कराइआ ॥ आपे धरती साजीअनु पिआरै पिछै टंकु चड़ाइआ ॥१॥ मेरे मन हरि हरि धिआइ सुखु पाइआ ॥ हरि हरि नामु निधानु है पिआरा गुरि पूरै मीठा लाइआ ॥ रहाउ ॥ आपे धरती आपि जलु पिआरा आपे करे कराइआ ॥ आपे हुकमि वरतदा पिआरा जलु माटी बंधि रखाइआ ॥ आपे ही भउ पाइदा पिआरा बंनि बकरी सीहु हढाइआ ॥२॥ आपे कासट आपि हरि पिआरा विचि कासट अगनि रखाइआ ॥ आपे ही आपि वरतदा पिआरा भै अगनि न सकै जलाइआ ॥ आपे मारि जीवाइदा पिआरा साह लैदे सभि लवाइआ ॥३॥ आपे ताणु दीबाणु है पिआरा आपे कारै लाइआ ॥ जिउ आपि चलाए तिउ चलीऐ पिआरे जिउ हरि प्रभ मेरे भाइआ ॥ आपे जंती जंतु है पिआरा जन नानक वजहि वजाइआ ॥४॥४॥ {पन्ना 605-606}

अर्थ: हे मेरे मन! सदा परमात्मा का सिमरन कर, (जिस किसी ने सिमरा है, उसने) सुख पाया है। हे भाई! परमात्मा का नाम (सारे) सुखों का खजाना है (जो मनुष्य गुरू की शरण पड़ा है) पूरे गुरू ने उसे परमात्मा का नाम मीठा अनुभव करा दिया है। रहाउ।

हे भाई! प्रभू ने खुद ही धरती पैदा की हुई है, (अपनी मर्यादा रूपी तराजू के) पीछे के छाबे में चार मासे बाँट रख के (प्रभू ने खुद ही इस सृष्टि को मर्यादा में रखा हुआ है। ये काम उस प्रभू के लिए बहुत साधारण और आसान सा है)। वह तराजू भी प्रभू खुद ही है, उस तराजू की सुई भी प्रभू खुद ही है, प्रभू ने खुद ही बाँट से (इस सृष्टि को) तोला हुआ है (अपने हुकम में रखा हुआ है)। प्रभू खुद ही (इस धरती पर वणज करने वाला) शहूकार है, खुद ही (जीव-रूप हो के) वणज करने वाला है, खुद ही वणज कर रहा है।1।

हे भाई! प्रभू प्यारा खुद ही धरती पैदा करने वाला है, आप ही पानी पैदा करने वाला है, आप ही सब कुछ करता है आप ही (जीवों से सब कुछ) करवाता है। आप ही अपने हुकम अनुसार हर जगह कार्य चला रहा है, पानी को मिट्टी से (उसने अपने हुकम में ही) बाँध रखा है (पानी मिट्टी को बहा नहीं सकता, पानी में उसने) खुद ही अपना डर रखा है, (जैसे) बकरी शेर को बाँध के घुमा रही है।2।

हे भाई! प्रभू खुद ही लकड़ी (पैदा करने वाला) है, (आप ही आग बनाने वाला है) लकड़ी में उसने खुद ही आग टिका रखी है। प्रभू प्यारा खुद ही अपना हुकम वरता रहा है (उसके हुकम में) आग (लकड़ी को) जला नहीं सकती। प्रभू खुद ही मार के जिंदा करने वाला है। सारे जीव उसके परोए हुए ही सांस ले रहे हैं।3।

हे भाई! प्रभू खुद ही ताकत है, खुद ही (शक्ति इस्तेमाल करने वाला) हाकिम है, (सारे जगत को उसने) अपने आप ही काम में लगाया हुआ है। हे प्यारे सज्जन! जैसे प्रभू खुद जीवों को चलाता है, जैसे मेरे हरी प्रभू को भाता है, वैसे ही चल सकते हैं। हे दास नानक! प्रभू खुद ही (जीव-) बाजा (बनाने वाला) है, खुद बाजा बजाने वाला है, सारे जीव-बाजे उसके बजाए बज रहे हैं।4।4।

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