Rojana Hukamnama (HINDI) Gurudwara Moti Bagh Sahib Delhi – 3-3-26

वडहंसु मः ५ ॥
तू जाणाइहि ता कोई जाणै ॥ तेरा दीआ नामु वखाणै ॥१॥ तू अचरजु कुदरति तेरी बिसमा ॥१॥ रहाउ ॥ तुधु आपे कारणु आपे करणा ॥ हुकमे जमणु हुकमे मरणा ॥२॥ नामु तेरा मन तन आधारी ॥ नानक दासु बखसीस तुमारी ॥३॥८॥ {पन्ना 563-564}

अर्थ: हे प्रभू! तू हैरान कर देने वाली हस्ती वाला है। तेरी रची रचना भी हैरानगी पैदा करने वाली है।1। रहाउ।

हे प्रभू! जब किसी मनुष्य को तू सूझ बख्शता है, तब ही कोई तेरे साथ गहरी सांझ डालता है, और तेरा बख्शा हुआ तेरे नाम को उच्चारता है।1।

हे प्रभू! तू खुद ही (जगत-रचना का) सबब (बनाने वाला) है, तू खुद ही जगत है (ये सारा जगत तेरा ही स्वरूप है)। तेरे हुकम में ही (जीवों का) जनम होता है, तेरे हुकम में ही मौत आती है।2।

हे प्रभू! तेरा नाम मेरे मन का मेरे शरीर का आसरा है। हे नानक! (कह– हे प्रभू! अपना नाम दे) तेरा दास तेरी बख्शिश (की आशा लिए हुए है)।3।8।

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